इस्तांबुल समाहाने में सेमा अनुष्ठान करते मेवलेवी दरवेश
पुनर्जागरण — 1500 — 1650

इस्तांबुल समाहाने में सेमा अनुष्ठान करते मेवलेवी दरवेश

ऑटोमन साम्राज्य
16वीं शताब्दी के इस्तांबुल के एक भव्य 'सेमाहाने' में, सूफी दरवेश अपनी आध्यात्मिक साधना 'सेमा' के दौरान लयबद्ध तरीके से घूम रहे हैं, जिससे उनके सफेद 'तन्नूरे' वस्त्र हवा में फैलकर सुंदर घंटियों का आकार ले रहे हैं। मीमार सिनान के स्वर्ण युग की याद दिलाती यह वास्तुकला जीवंत इज़निक टाइलों और मोमबत्तियों के मंद प्रकाश से सुसज्जित है, जहाँ दरवेशों की विशिष्ट मुद्रा—एक हाथ स्वर्ग की ओर और दूसरा पृथ्वी की ओर—ईश्वर और मानवता के बीच एक पवित्र संबंध का प्रतीक है।

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