नियो-टोक्यो में बायोल्यूमिनेसेंट ग्राफीन-मेष क्रोनोस पिलर
महान विचलन — 2200 — 2500

नियो-टोक्यो में बायोल्यूमिनेसेंट ग्राफीन-मेष क्रोनोस पिलर

यह दृश्य 'द ग्रेट डायवर्जेंस' (2200–2500 ईस्वी) के दौरान नियो-टोक्यो के भव्य 'क्रोनोस पिलर' को दर्शाता है, जो बायोक्रेट और ड्रैगनफ्लाई-विंग जैसी ग्राफीन जाली से निर्मित एक किलोमीटर ऊँचा कार्बन-कैप्चर स्तंभ है। इस युग में जैव-एकीकृत मानव (Bio-Integrated Terrestrials) और आनुवंशिक रूप से संवर्धित सिकोइया (Sequoia) के ऊर्ध्वाधर वन एक साथ विकसित हुए, जो पारिस्थितिक तंत्र और शहरी वास्तुकला के पूर्ण सामंजस्य का प्रतीक हैं। महाद्वीपीय तट से जुड़े ये तैरते हुए हेक्सागोनल प्लेटफॉर्म भविष्य के उस कालखंड की याद दिलाते हैं जब मानवता ने पृथ्वी की जलवायु को पुनः संतुलित करने के लिए उन्नत आणविक इंजीनियरिंग और 'स्वार्म मेसनरी' जैसी तकनीकों का सहारा लिया था।

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