बेल्ट में निकल-लोहे के क्षुद्रग्रहों को पिघलाती सौर किरणें
अंतरतारकीय उषाकाल — 3000 — 5000

बेल्ट में निकल-लोहे के क्षुद्रग्रहों को पिघलाती सौर किरणें

"इंटरस्टेलर डॉन" युग (3000-5000 ईस्वी) के इस दृश्य में, सौर मंडल की मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट के भीतर एक विशाल "सोलर स्मेल्टर" एक निकल-लोहे के क्षुद्रग्रह को पिघलाकर शुद्ध धातु में बदल रहा है। हेक्सागोनल दर्पणों द्वारा केंद्रित सुनहरी सौर किरणें और नीले चुंबकीय क्षेत्र इस पिघले हुए धातु को गुरुत्वाकर्षण-मुक्त अंतरिक्ष में स्थिर रखते हैं, जबकि "लिथो-सैपियंस" (Litho-Sapiens) नामक विकिरण-रोधी उत्तर-मानव इस विशाल इंजीनियरिंग कार्य का संचालन करते हैं। यह चित्रण उस काल को जीवंत करता है जब मानवता ने कार्दाशेव 1.9 स्तर की सभ्यता के रूप में सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करके अंतरिक्ष के कच्चे माल को भविष्य की संरचनाओं में ढालना शुरू कर दिया था।

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